दादरा एवं नगर हवेली में नमो मेडिकल एज्युकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने संस्थान के कथित निजीकरण अथवा किसी सोसायटी के माध्यम से संचालन किए जाने की चर्चाओं पर सवाल उठाते हुए भाजपा और प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रभु टोकिया ने इस मामले में तत्काल सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की है।

कांग्रेस अध्यक्ष प्रभु टोकिया ने कहा कि आम जनता के बीच चर्चा है कि नमो मेडिकल एज्युकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट का निजीकरण किया जा रहा है अथवा भविष्य में इसे किसी सोसायटी के माध्यम से संचालित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष महेश अगारिया, भाजपा सांसद कलाबेन डेलकर, जिला पंचायत अध्यक्ष निशा भावर, नगर पालिका अध्यक्ष तथा प्रशासन से पूछा है कि इन चर्चाओं में कितनी सच्चाई है और संस्थान के भविष्य को लेकर सरकार की वास्तविक योजना क्या है।
टोकिया ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में सरकारी संपत्तियों और संस्थानों को लेकर पारदर्शिता का अभाव रहा है। उनका कहना है कि जनता के टैक्स से तैयार की गई सरकारी संपत्तियों और सेवाओं के संचालन में निजी संस्थाओं की भूमिका बढ़ने से आम लोगों के हित प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ रहा है और सरकारी नीतियों एवं नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बिजली विभाग, सर्किट हाउस और दिल्ली स्थित यूटी भवन सहित विभिन्न सरकारी परिसंपत्तियों और संस्थानों के उदाहरण देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हालांकि, इन सभी आरोपों और दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस का कहना है कि यदि नमो मेडिकल इंस्टीट्यूट के निजीकरण या सोसायटी के माध्यम से संचालन की कोई योजना है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
टोकिया ने भाजपा के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर भी जनता से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे सरकारी संस्थानों और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों पर जनता को स्पष्ट जानकारी दें।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि नमो मेडिकल एज्युकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के निजीकरण अथवा सोसायटी द्वारा संचालन की बात सही पाई जाती है, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन शुरू करेगी। कांग्रेस ने प्रशासन से संस्थान की वर्तमान स्थिति, संचालन व्यवस्था और भविष्य की योजना को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है।
फिलहाल नमो मेडिकल इंस्टीट्यूट को लेकर कांग्रेस के आरोपों के बीच भाजपा और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्षेत्र की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
