
खेरगाम तालुका के नंदई वेद आश्रम में श्रावण मास के पावन अवसर पर चल रहे पार्थिव शिवलिंग अनुष्ठान में आज अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक प्रफुलभाई शुक्ला ने भाग लेकर भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने “ॐ नमः शिवाय” के जाप के साथ 24,000 मिट्टी के शिवलिंग तैयार किए।
यह अनुष्ठान आचार्य कश्यपभाई भानाभाई जानी द्वारा रुद्राभिषेक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न किया जाता है तथा प्रतिदिन दोपहर में शिवलिंगों का ओररांगा नदी में विधि-विधान से विसर्जन होता है। चांदोद निवासी कैलाशपुरी महाराज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रफुलभाई शुक्ला ने प्रवचन देते हुए कहा, “जो आत्मा शंभू की शरण में जाती है, उसका जीवन सुरक्षित और निर्भय हो जाता है।”
ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद महाराज की प्रेरणा से वर्षों से श्रावण मास में यह पार्थिव शिवलिंग पूजन परंपरा निभाई जा रही है। आयोजन में रतिलाल पटेल, नंदलाप पटेल भाभा, अरविंदभाई पटेल और लीलाबेन की विशेष भूमिका रही। प्रफुलभाई शुक्ला का स्वागत पटेल भोयावाड ने किया, जबकि बिपिनभाई पटेल भेरवी ने भी उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज की पूजा में मरला, नारनपोर, खेरगाम, अच्छवानी, भाभा, पनज, अटगाम बामती सहित कई गाँवों से भक्तों ने भाग लिया। प्रतिदिन दोपहर में महाप्रसाद का भोग लगाया जाता है, और वेदपाठीजी महाराज की तपस्थली वेदाश्रम में “ॐ नमः शिवाय” की ध्वनि गूंजती रहती है।






